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कोरोना के कारण गर्भवती महिलाओं पर हुआ बड़ा प्रभाव, गर्भस्थ शिशुओं पर टूटा कहर

हाल ही हुई एक रिसर्च में पाया गया है कि कोरोना के बाद लगभग पूरी दुनिया की जन्मदर तथा मातृ-शिशु मृत्यु दर में तेजी आ गई। द लैंसेट ग्लोबल हेल्थ मैग्जीन में छपे एक रिव्यू के अनुसार 17 देशों में की गई 40 अलग-अलग स्टडीज में यह खुलासा हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार सभी देशों में जन्मदर और मातृ-शिशु मृत्युदर के बढ़ने का आंकड़ा एक समान नहीं रहा है वरन वहां के स्थानीय हालातों का भी उस पर असर पड़ा है लेकिन निर्विवाद रुप से इसमें बढ़ोतरी हुई है।

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रिपोर्ट में कहा गया है कि कोरोना काल में गर्भावस्था अथवा शिशु को जन्म देते समय महिलाओं एवं गर्भस्थ शिशु की मृत्यु दर कोरोना से पहले की तुलना में लगभग एक तिहाई अधिक बढ़ गई। इनमें भी देखा जाए तो वे देश जहां लोगों में गरीबी है और इनकम बहुत कम हैं, वहां पर ऐसे मामलों में अत्यधिक तेजी देखी गई है। इसका एक कारण तो यही माना जा रहा है कि कोरोना के चलते महिलाओं और बच्चों को उचित देखभाल और स्वास्थ्य सेवाएं नहीं मिल पाई जिसके कारण मृत्यु दर में बढ़ोतरी हुई।

इसके विपरीत विकसित देश, जहां स्वास्थ्य सेवाएं अच्छी हैं, जनता की इनकम ज्यादा है, वहां भी जन्मदर और मातृ मृत्युदर बढ़ी है लेकिन गरीब देशों की तुलना में अधिक नहीं हुई है। रिपोर्ट के अनुसार हर देश का डेटा अलग-अलग दर बता रहा है। रिपोर्ट के अनुसार ऐसा होने के पीछे कई अन्य कारण भी हो सकते हैं। इसके अलावा लोकल कम्यूनिटीज में होने वाले ऐसे केसेज का भी कोई रिकॉर्ड नहीं है जिनके कारण इस रिपोर्ट में पूरी स्पष्टता नहीं आ पाई है हालांकि यदि उन्हें भी जोड़ा जाए तो ये आंकड़े बहुत ज्यादा बढ़ सकते हैं।



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