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कोरोना संक्रमण : हमने लापरवाही बढ़ाई तो वायरस ने ताकत

कोरोना वायरस जिस तेजी से फैल रहा है इसके लिए केवल कोरोना का मजबूत होना (नए स्टे्रन) ही नहीं हम भी जिम्मेदार हैं। कोरोना अपने को बचाने के लिए अपना स्टे्रन बदल रहा है जबकि हम कोरोना से बचाव के लिए डॉक्टर्स की सलाह को अनदेखा कर रहे हैं। यही वजह है कि कोरोना तेजी से फैल रहा है। जानते हैं हम किन बातों की अनदेखीकर रहे हैं।
तुरंत बना ली हल्दी-दूध और काढ़े से दूरी
कोरोना वायरस की शुरुआत में लोग विशेषज्ञों की सलाह से काढ़ा, गोल्डन मिल्क यानी हल्दी-दूध लेते थे। इनसे शरीर की इम्युनिटी बढ़ती है। कोरोना वायरस के संक्रमण के साथ मौसमी बीमारियों के संक्रमण की आशंका भी कम होती है। लेकिन जैसे ही सरकार की ओर से लॉकडाउन से ढील मिली लोगों ने इनको लेना बंद कर दिया है। इससे न केवल इम्युनिटी बढऩी बंद हो गई बल्कि संक्रमण की आशंका भी कई गुना बढ़ गई है। हमें फिर से उस आदत को शुरू करना चाहिए।
लॉकडाउन में छूट को कोरोना खत्म समझा
लॉकडाउन में ढील मिलते ही मान लिया कि कोरोना खत्म हो गया। इसके बाद लोगों ने मास्क लगाना बंद कर दिया। बाजारों, समारोहों और सार्वजनिक स्थानों पर अचानक से भीड़ बढऩे लगी। सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान नहीं रखा गया। जो लोग लंबे समय से घरों में थे उनकी इम्युनिटी पहले से कम हो गई और अचानक से इधर-उधर घुमने लगे इससे उनमें संक्रमण अधिक होने लगा। संक्रमण से बचने के लिए पुराने गाइड लाइन का पालन करना होगा। इसमें लापरवाही भारी पड़ रही है।
मास्क पहनें, बचाव की मजबूत ढाल है
रॉयल सोसाइटी ओपन साइंस जर्नल में छपे एक शोध के अनुसार मास्क बोलने, खांसने और छींकने से निकलने वाली 99.9% बूंदों को रोकता है। कोई व्यक्ति मास्क लगाया हुआ है तो 2 मीटर की दूरी पर खांसने और छींकने से निकली बूंदों के संपर्क में आने का खतरा 10,000 गुना तक कम होता है। संक्रमित के खांसने-छींकने से लाखों बूंदें निकलती हैं।
दिन में 8-10 बार हाथ धोने या सैनेटाइज करने से होता 90त्न तक बचाव
वैक्सीन लगने के बाद से समझते हैं अब कोरोना नहीं होगा
कोरोना के फैलने की एक बड़ी वजह यह है कि वैक्सीन लगने के बाद लोग समझ लेते हैं कि अब उनको कोरोना नहीं होगा। जबकि हकीकत अलग है। देशभर में करीब 7-८ फीसदी लोगों को ही टीका लगा है। उनमें एक चौथाई हैं जिन्हें ही दूसरी डोज लगी है। एंटीबॉडीज नहीं बनी है। कोरोना के दोनों डोज लगने के 15-30 बाद ही कोरोना से बचाव के लिए एंटीबॉडीज बनती है।
ऐसे मजबूत हो रहा है कोरोना वायरस
कोई भी वायरस अपने को जिंदा रखने के लिए समय-समय पर म्यूटेट होता रहता है। नया स्ट्रेन आता रहता है। इससे वायरस मजबूत होता है। कोरोना का नया स्ट्रेन पहले से अधिक मजबूत है जो पहले के मुकाबले 60-70% अधिक तेजी से संक्रमण फैला रहा है। जिन्हें भी हल्का या तेज बुखार, सर्दी-खांसी, जुकाम, पेट से जुड़ी डायरिया जैसी समस्या आदि लक्षण हैं तो तत्काल आराम करें। अपने घर में क्वारंटीन हो जाएं। साथ में डॉॅक्टर की सलाह से इलाज लेते रहें। कुछ मरीजों में लक्षण दिखते हैं लेकिन रिपोर्ट निगेटिव आ रही है। ऐसे में सीटी स्कैन कराकर इसकी पुष्टि करते हैं।
डॉ. सूर्यकांत, विभागाध्यक्ष, चेस्ट एवं पॉल्मोनरी, केजीएमयू, लखनऊ एवं नेशनल वाइस चेयरमैन, आइएमए (एएमएस) इंडिया



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