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Rashi Parivartan April 2021: पहले ही दिन बुध करेंगे परिवर्तन, इन राशियों के लिए बहुत ही शुभ स्थिति

ग्रहों की चाल व दशा दिशा में परिवर्तन के बीच अप्रैल 2021 के पहले ही दिन बुध कुंभ से परिवर्तन कर मीन में जा रहे हैं। ज्योतिष में बुध को एक सौम्य ग्रह माना जाता है।

वहीं नवग्रहों में चंद्र के पुत्र बुध को राजकुमार का दर्जा भी प्राप्त है। हिन्दू ज्योतिष में बुध ग्रह को बुद्धि, तर्क, संवाद, गणित, चतुरता और मित्र का कारक माना जाता है। सूर्य और शुक्र, बुध के मित्र हैं जबकि चंद्रमा और मंगल इसके शुत्र ग्रह हैं। बुध का वर्ण हरा है और सप्ताह में बुधवार का दिन बुध को समर्पित है।

पंडित व जानकारों के अनुसार बुध के संबंध में मान्यता है कि ये जिस ग्रह की दृष्टि में रहते हैं, उसी के अनुसार फल प्रदान करते हैं। इनका रंग हरा व रत्न पन्ना है, लेकिन कोई भी रत्न बिना किसी जानकार की सलाह के बिना नहीं पहनना चाहिए। शरीर में बुध जहां आपकी त्वचा को प्रभावित करते हैं, वहीं कुंडली में इन्हें बुद्धि का कारक माना जाात है।

बुध ग्रह शुभ ग्रहों (गुरु, शुक्र और बली चंद्रमा) के साथ होता है तो यह शुभ फल देता है और क्रूर ग्रहों (मंगल, केतु, शनि राहु, सूर्य) की संगति में अशुभ फल देता है। बुध ग्रह मिथुन और कन्या राशि का स्वामी है। कन्या इसकी उच्च राशि भी है जबकि मीन इसकी नीच राशि मानी जाती है। 27 नक्षत्रों में बुध को अश्लेषा, ज्येष्ठा और रेवती नक्षत्र का स्वामित्व प्राप्त है।

बुध के मंत्र:
बुध का वैदिक मंत्र...
ॐ उद्बुध्यस्वाग्ने प्रति जागृहि त्वमिष्टापूर्ते सं सृजेथामयं च।
अस्मिन्त्सधस्‍थे अध्‍युत्तरस्मिन् विश्वेदेवा यजमानश्च सीदत।।

बुध का तांत्रिक मंत्र...
ॐ बुं बुधाय नमः।।

बुध का बीज मंत्र...
ॐ ब्रां ब्रीं ब्रौं सः बुधाय नमः।।

बुध से जुड़ी कुछ खास जानकारी...
: वैदिक ज्योतिष में बुध ग्रह का कार्यक्षेत्र में संबंध वाणिज्य, लेखन, एंकरिंग, वकील, पत्रकारिता, कथा वाचक, प्रवक्ता आदि से है।

: ज्योतिष में स्थान के मामले में बुध ग्रह के अंतर्गत कॉलेज, विद्यालय, विश्वविद्यालय, सभी प्रकार के वाणिज्यिक स्थान, खेल का मैदान आदि आते हैं।

: ज्योतिष में उत्पाद में बुध ग्रह के द्वारा अखरोट, पालक, पौधे, घी, तेल, हरी दालें, हरे रंग के वस्त्र आदि वस्तुएं दर्शायी जाती हैं ।

: वहीं बुध के लिए जड़ में विधारा मूल, तो रुद्राक्ष में चार मुखी रुद्राक्ष और यंत्र में बुध यंत्र को माना गया है।

: ज्योतिष में पशु पक्षी के मामले में बुध ग्रह के अंतर्गत पशु पक्षी - कुत्ता, बकरी, तोता, लोमड़ी, सरीसृप आदि।

बुध का गोचर काल अप्रैल 2021...
पंडित सुनील शर्मा के अनुसार इस बार बुध ग्रह अपना स्थान परिवर्तन करते हुए 1 अप्रैल 2021,गुरुवार को सुबह 12 बजकर 52 मिनट पर शनि के स्वामित्व वाली कुम्भ राशि से निकलकर, देवगुरु बृहस्पति के स्वामित्व वाली राशि मीन में प्रवेश करेगा।

यहां ये ध्यान रखने की बात है कि मीन राशि बुध देव की नीच राशि है और काल पुरुष की कुंडली में इस यानि मीन राशि को द्वादश, अर्थात व्यय भाव की राशि माना जाता है।

अपने इस गोचर के दौरान बुध यहां इसी अवस्था में अगले 15 दिनों तक रहेंगे और फिर उसके बाद, पुनः 16 अप्रैल 2021 की रात 8 बजकर 49 मिनट पर अपना गोचर करते हुए मीन से निकलकर, मेष राशि में विराजमान हो जाएंगे। ऐसे में मीन राशि में बुध का ये गोचर, कई मायनों में बेहद महत्वपूर्ण रहने वाला है।


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पंडित शर्मा के अनुसार बुध ग्रह, हमारी जन्म कुंडली में स्थित 12 भावों पर अलग-अलग तरह से प्रभाव डालता है। इन प्रभावों का असर हमारे प्रत्यक्ष जीवन पर पड़ता है। इसके अतिरिक्त बुध एक तटस्थ ग्रह है, परंतु विभिन्न ग्रहों से युति के कारण इसके फलों में भी परिवर्तन देखने को मिलते हैं। आइए जानते हैं बुध का ये परिवर्तन आपकी राशि को कैसे प्रभावित करेगा...

Effects of Budh Rashi parivartan : जानें सभी 12 राशियों पर इसका प्रभाव...
1. मेष राशि
इस गोचर के दौरान बुध, आपकी राशि से द्वादश भाव यानि व्यय भाव में प्रवेश करेंगे। ऐसे में बुध के आपके बारहवें भाव में गोचर की वजह से, कार्यक्षेत्र पर आपको थोड़े प्रतिकूल फलों की प्राप्ति होगी। ऐसे में यह समय आपकी उन्नति में कुछ बाधा उत्पन्न कर सकता है। वहीं आर्थिक जीवन में आपके ख़र्चों में बढ़ोतरी, आपके आर्थिक तंगी को बढ़ा सकती है। ऐसे में अपने ख़र्चों और आय के बीच सही तालमेल बनाते हुए, बेहतर रणनीति अनुसार ही अपने धन को खर्च करें।

नौकरी पेशा जातकों को भी इस दौरान, अपने सहकर्मी और अपने अधीन कार्य कर रहे लोगों के द्वारा दी गई हर जानकारी को, दोबारा जांचना लाभकारी रहेगा। क्योंकि इस दौरान कोई बड़ी ग़लतफहमी उत्पन्न होने की, आशंका सबसे अधिक है।

इसके साथ ही आपको इस समय फालतू की बातों से दूरी बनाने की जरूरत होगी। नहीं तो आपके विरोधी इस दौरान आपकी छवि को नुकसान पहुंचा सकते हैं। वहीं इस अवधि के दौरान यात्रा आपके तनाव और थकान में वृद्धि लेकर आएगी।

स्वास्थ्य जीवन के लिहाज से इस समय आपको अपनी सेहत पर उचित ध्यान देने की आवश्यकता होगी। वहीं निजी जीवन में भी जीवन साथी की खराब सेहत के चलते, आपके मानसिक तनाव में वृद्धि हो सकती है।

हां यह जरूर है कि यह समय पारिवारिक जीवन के लिए बेहतर रहेगा, क्योंकि इस दौरान आपके भाई-बहनों को लाभ की प्राप्ति होगी। साथ ही उन्हें, विदेशों से नौकरी या लाभ प्राप्ति होने के भी कई योग बनेंगे। छात्रों के लिए भी समय उत्तम है। लेकिन उन्हें कड़ी मेहनत करनी होगी।

उपायः घर या दफ्तर में नियमित रूप से कपूर जलाएं।

2. वृषभ राशि
इस समय बुध देव आपकी राशि से एकादश भाव यानि आय भाव में गोचर करेंगे। बुध का गोचर आपके एकादश भाव में होने से, आपको उत्तम फलों की प्राप्ति होगी। कार्यक्षेत्र पर नौकरीपेशा जातक, एक समय में कई कार्य करने में सक्षम होंगे। इससे बुध का यह गोचर आपको, अपने वरिष्ठ अधिकारियों के बीच लोकप्रियता प्राप्त करने में मदद करेगा। इससे आपको विभिन्न स्रोतों से भी, अपनी आय में वृद्धि करने के अवसर मिलेंगे।

वहीं व्यापारियों के लिए भी समय उत्तम रहेगा, क्योंकि उन्हें अपने व्यापार में विस्तार करने के कई शुभ अवसर मिलेंगे। साथ ही आपको पहले का किया गया कोई निवेश, इस समय अच्छा लाभ और धन अर्जित करने में भी मदद करेगा।

छात्रों के लिए समय शुभ रहेगा, क्योंकि इस दौरान वो अपने ज्ञान और कार्य क्षमता में वृद्धि करते हुए, कुछ नई चीजों और नए विषयों को सीखने के लिए उत्सुक दिखाई देंगे। इससे उन्हें अपनी शिक्षा में, प्रदर्शन बेहतर देने में मदद मिलेगी।

स्वास्थ्य जीवन भी बुध के इस गोचर के दौरान, सकारात्मकता के साथ सही दिशा में आगे बढ़ता दिखाई देगा। कुल मिलाकर कहें तो वृषभ राशि के जातकों के लिए ये समय, शुभ और आशाजनक परिणाम लेकर आने वाला है।

पारिवारिक जीवन में आपको, अपने परिवार का भरपूर सहयोग प्राप्त होगा। क्योंकि इस दौरान परिवार आपके साथ, एक स्तंभ की तरह खड़ा दिखाई देगा। जिसके चलते आपके जीवन में आ रही सभी बाधाओं को, आप आसानी से दूर करने में सक्षम होंगे।

वहीं प्रेम संबंधों की बात करें तो, जो जातक अभी तक अकेले हैं, परंतु विवाह योग्य हैं, उन्हें इस गोचरकाल के समय कई अच्छे प्रस्ताव मिलने की संभावना है। वहीं प्रेमी जातकों को भी इस अवधि में, अपने प्रेमी के साथ मिलकर अपनी पूर्व की हर ग़लतफहमी को हल करने में मदद मिलेगी।


उपायः बुधवार के दिन, भगवान गणेश को हरी दूर्वा ग्रास अर्पित करें।

3. मिथुन राशि
बुध का ये गोचर आपकी राशि से दशम भाव यानि कर्म भाव में होगा। जो आपको जीवन में मिश्रित परिणाम देगा। पारिवारिक जीवन में अपने परिवार के सदस्यों के साथ, समय बिताने के लिए समय अच्छा रहने वाला है। आप परिवार के सदस्यों के साथ, कहीं बाहर घूमने जाने का भी प्लान कर सकते हैं। जिससे आप उनके साथ हर विवाद को सुलझाते हुए, अपने रिश्ते को मजबूत बना सकेंगे।

लेकिन, इस समय बुध की दुर्बल अवस्था के चलते कार्य क्षेत्र पर आप ग़लती करने के भय से, कार्यों को विश्वास की कमी के चलते पूरा करने में असफल हो सकते हैं। इससे कार्यस्थल पर आपकी कार्य क्षमता में, कमी देखी जाएगी। ऐसे में आपको इस समय हर निर्णय को लेते समय, अपनी क्षमताओं पर विश्वास रखना होगा।

इस समय अपनी मां की सेहत के प्रति जरा भी लापरवाही न बरतें। घर-परिवार में भी मरम्मत या कोई अन्य निर्माण कार्य को करने से अभी परहेज करें।

छात्रों को इस अवधि में अपने विषय को समझने में, कुछ समस्या हो सकती है। इसलिए इस दौरान अपने प्रयासों को रफ्तार देते हुए, बेहतर परिणामों की प्राप्ति के लिए शुरुआत से ही अपनी मेहनत जारी रखें।

उपायः बुधवार के दिन अच्छी गुणवत्ता वाला पन्ना रत्न, चांदी में किसी जानकार की सलाह पर अपने दाहिने हाथ की अनामिका में धारण करें।

4. कर्क राशि
अपने गोचर के दौरान, बुध ग्रह आपकी राशि से नवम भाव यायिन भाग्य भाव में रहेंगे। बुध ग्रह की यह में उपस्थिति, आपके लिए लाभदायक सिद्ध होगी। गोचरकाल की ये अवधि, आपकी कोई ऐसी रुचि या किसी पुरानी कला में भी निवेश करने के लिए उत्तम रहेगी, जिसे आप लंबे समय से पूरा करने का सोच रहे थे।

लेकिन, इस दौरान कुछ नौकरी पेशा जातकों का स्थानांतरण संभव है। जिससे उन्हें अंसतोष की प्राप्ति होगी। गोचरकाल की यह अवधि, आपको प्रयासों के अनुसार परिणाम प्राप्ति करने में कुछ बाधा भी उत्पन्न कर सकती है।

वहीं इस समय बॉस और वरिष्ठ अधिकारी, आपके काम से संतुष्ट नहीं होंगे। जिसके चलते आपका उनके साथ मतभेद या विवाद संभव है। उचित होगा ऐसे में हर परिस्थिति में खुद को शांत रखते हुए, उसे बेहतर बनाने की ओर ही अपने कार्य करें।

वहीं बुध देव आपका भाई-बहनों के साथ भी इस समय कुछ मतभेद उत्पन्न करा सकते हैं। उचित होगा आप हर विवाद को भी दूर रहें। किसी भी यात्रा पर जाने से परहेज करें।
इसके अलावा इस समय आपको, अपने इलेक्ट्रॉनिक गैजेट या उपकरणों के प्रति सावधानी बरतने की आवश्यकता होगी। अन्यथा उनके खराब होने पर, आपको अपना बहुत-सा धन खर्च करना पड़ सकता है।

उपायः हर बुधवार के दिन, गाय को हरा चारा खिलाएं।


5. सिंह राशि
इस समय बुध देव आपकी राशि से आठवें भाव यानि आय भाव में प्रवेश करेंगे। यहां नीच का बुध आपके लिए कुछ परेशानियां ज़रूर पैदा करेगा, लेकिन फिर भी इस गोचर से आपको अनुकूल परिणाम भी अवश्य मिलेंगे। ये गोचर आपको कुछ आर्थिक तंगी भी देगा। आर्थिक जीवन में आपके ख़र्चों में वृद्धि होगी, क्योंकि आप अपने मित्रों और करीबियों पर जरूरत से ज्यादा खर्च करते दिखाई देंगे। ऐसे में अपने ख़र्चों पर नियंत्रण रखें।

व्यापारी जातक इस समय किसी भी बड़े निवेश से दूर ही रहें। अन्यथा यह बदलाव आपको भारी नुकसान पहुंचा सकते हैं। वहीं शेयर बाजार से जुड़े जातकों को भी इस दौरान, सावधानी बरतने की जरूरत होगी। साथ ही अभी शेयर बाजार से 16 अप्रैल तक दूर ही रहें। क्योंकि इस अवधि के बाद ही, आपके जीवन में सकारात्मक बदलाव आने की संभावना है।

निजी जीवन में इस समय आपको अपनी वाणी पर नियंत्रण रखना होगा। अन्यथा आपकी छवि को नुकसान पहुंच सकता है। वहीं शादीशुदा जातकों को अपने जीवन साथी और ससुराल पक्ष से, कोई बड़ा लाभ मिलने की भी संभावना है।

स्वास्थ्य जीवन में आपको पेट संबंधी कोई विकार, साथ ही त्वचा संबंधी कोई एलर्जी भी परेशान कर सकती है।

उपायः ज़रूरतमंदों को शिक्षा की सामग्री भेंट करें।

6. कन्या राशि
इस समय बुध आपके सातवें भाव यानि विवाह भाव में गोचर करेंगे। ऐसे में आपके लिए बुध का ये गोचर बहुत ही ज्यादा प्रभावशाली होगा।

इस गोचर के प्रभाव से आपको, अपने कार्यक्षेत्र पर उत्तम फलों की प्राप्ति होगी। इस समय आपको अपनी कड़ी मेहनत के चलते, वेतन वृद्धि और पदोन्नति मिलने के भी योग बनेंगे। वहीं इस दौरान आप हर कार्य को व्यवस्थित और संरचना करने की अपनी क्षमता को सुधारेंगे।

व्यापारी जातक भी इस समय आगे आकर अधिक सक्रियता के साथ हर कार्यों में हिस्सा लेते दिखाई देंगे। जिससे उन्हें कई मुनाफेदायक सौदे और बेहतर साझीदार प्राप्त करने में मदद मिलेगी। ऐसे में बुध के गोचर से मिलने वाले हर शुभ अवसर का उचित लाभ उठाने के लिए, आपको अपने इस स्वभाव में बदलाव करने की आवश्यकता होगी।

वहीं ये गोचर बीच-बीच में आपके मन में गलती करने का भय भी उत्पन्न करेगा, जिससे आप परेशान होते हुए कई बड़े निर्णय लेने में असमर्थ होंगे। वहीं यह समय उन लोगों के लिए समय थोड़ा प्रतिकूल रहने वाला है, जो अपने मुख्य व्यवसाय से अलग पार्ट-टाइम व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं। उन्हें इसके लिए अभी थोड़ा और इंतजार करने की आवश्यकता होगी।

प्रेम संबंधों के लिए समय सामान्य से बेहतर ही रहेगा। वहीं दांपत्य जातकों के लिए ये समय, सभी क्षेत्रों में विकास लेकर आएगा। जबकि स्वास्थ्य जीवन के लिए यह समय सावधानी बरतने वाला रहेगा।

उपायः बुधवार के दिन किसी जानकार की सलाह पर ही अपने दाहिने हाथ की छोटी उंगली में चांदी या सोने में अच्छी गुणवत्ता का पन्ना रत्न धारण करें।


7. तुला राशि
बुध का गोचर आपकी राशि से छठे भाव यानि शत्रु व रोग भाव में होगा। बुध का यह गोचर आपके लिए ज्यादा अनुकूल नहीं रहेगा। यह पीड़ित अवस्था को दर्शाता है।

इस समय कार्यक्षेत्र पर आपको सफलता पाने के लिए, गोचरकाल के समय अधिक प्रयास और मेहनत करनी पड़ेगी। साथ ही कार्यस्थल पर कई तरह की बाधाओं का सामना भी करना पड़ेगा, जिससे आपके मानसिक तनाव और चिंताओं में वृद्धि होगी। आर्थिक स्थिति में भी बुध का यह गोचर, थोड़ा प्रतिकूल रहने वाला है।

आपको इस गोचर के दौरान, अपनी सभी गुप्त बातों और नीतियों को हर किसी के साथ साझा करने से सावधान रहने की आवश्यकता होगी। संभव है कि आपके दुश्मन आपकी किसी कमज़ोरी का फायदा उठाकर, आप पर हावी होने का प्रयास करें।

इस दौरान, हर प्रकार के वाद-विवाद, तर्क और मतभेदों से भी दूर रहें। साथ ही इस समय आपके ख़र्चों में तालमेल बैठना ही, आपके लिए उचित रहेगा।

वहीं यह समय आपके पिता को अपने कार्यक्षेत्र करियर में, अच्छी प्रगति और समृद्धि देने में मदद करेगा। इससे आपको भी उनका भरपूर सहयोग प्राप्त होगा। इस अवधि के दौरान, किसी भी प्रकार के ऋण और कर्ज को लेने से परहेज करें।

इसके अलावा सेहत के लिहाज से आपको, अपनी खाने की खराब आदतों पर भी ध्यान रखने की आवश्यकता होगी। ऐसे में आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता में कमी आने के कारण आपको किसी प्रकार का कोई संक्रमण होने का खतरा रहेगा।

उपायः किसी भी महत्वपूर्ण कार्य के लिए निकलने से पहले, इलायची के बीज़ चबाकर घर से निकलें।

 

8. वृश्चिक राशि
इस समय बुध देव आपके पांचवें भाव यानि पुत्र व बुद्धि भाव में प्रवेश करेंगे। जिसके चलते यह समय शेयर बाजार, व्यापार, आदि से जुड़े जातकों के लिए प्रतिकूल रहेगा।

इस समय नौकरियों और संगठनों से जुड़े जातकों को, इस समय अपने संकोच को दूर रखते हुए, अपने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ खुलकर संवाद करने की जरूरत होगी। क्योंकि तभी आप अपने क।रियर में, विकास और प्रगति हासिल करने में सफल होंगे। व्यापारी जातकों के लिए भी यह समय लाभ और मुनाफ़ा लेकर आएगा, जिससे आपकी आर्थिक स्थिति मजबूत रहने की संभावना है।

वहीं नौकरी बदलने का सोच रहे जातकों के लिए भी, इस गोचरकाल की ये अवधि बेहद शुभ रहेगी। इस गोचर के परिणामस्वरूप, उच्च शिक्षा का अध्ययन करने वाले छात्र, खासतौर से वो छात्र जो पीएचडी या किसी अन्य शोध कार्य से जुड़े हैं, उनके लिए यह समय उत्तम रहेगा।

यह समय प्रेम संबंधों के लिए समय थोड़ा प्रतिकूल रहने वाला है। जिससे साथी और आपके बीच विवाद संभव है। इस दौरान आप दोनों एक-दूसरे को समझ पाने में भी असमर्थ होंगे। इससे रिश्ते में कुछ ग़लतफहमी उत्पन्न होने के योग बन सकते हैं। इसके अलावा इस दौरान आपके जीवन में, कई शुभ अवसर आने के भी योग बनेंगे।

उपायः तुलसी के पौधे में, नियमित रूप से जल चढ़ाएं और उसकी पूजा करें।

9. धनु राशि
बुध का ये गोचर आपके चौथे भाव में यानि माता व सुख भाव में होगा। इस गोचर के प्रभाव से आपके साथी के जीवन में, सफलता मिलने की संभावना है। क्योंकि उनके कार्य क्षेत्र में लंबे समय के बाद पदोन्नति व वेतन वृद्धि होने के योग बनेंगे। साथी आपके जीवनसाथी की समृद्धि और उन्नति होने से, आपके भी मान-सम्मान और सुख-सुविधाओं में वृद्धि होगी।

इस समय आपका आपका अपने जीवनसाथी या प्रेमी के साथ, छोटी-छोटी बातों को लेकर भी विवाद होगा। वहीं यह गोचर आपकी मां के लिए भी शुभ रहेगा, क्योंकि उन्हें इस समय कोई बड़ा लाभ प्राप्त होने की संभावना है।

इस समय कार्य क्षेत्र पर आपके कार्य को, सही मात्रा में प्रशंसा और सराहना मिलेगी। इसके परिणामस्वरूप आपके आत्मविश्वास और साहस में वृद्धि होगी। यह समयावधि व्यापारी जातकों के लिए भी, शुभ रहने वाली है। क्योंकि इस दौरान उन्हें निवेश करने से बहुत उत्तम फलों की प्राप्ति होने के योग बनेंगे।

इस समय किया गया हर निवेश आपको लंबे समय तक मुनाफ़ा देता रहेगा, जिससे आपकी आर्थिक स्थिति भी काफी हद तक बेहतर होगी।

इस दौरान सेहत के लिहाज से भी, आपके लिए कुछ शारीरिक गतिविधियां या योग करना उचित रहेगा। क्योंकि इस समय आपको वजन और रक्तवसा की समस्या, काफी हद तक परेशान कर सकती है।

उपायः “भ्रामरी” को एक आयुर्वेदिक जड़ी बूटी और एक औषधि के रूप में लें।


10. मकर राशि
इस गोचर काल में बुध आपके तीसरे भाव यानि पराक्रम व भाई बहनों के भाव में विराजमान रहेंगे। जिससे आपको अपनी वाणी के प्रति सावधानी बरतने की आवश्यकता होगी। साथ ही कार्यक्षेत्र पर कुछ भी बोलने से पहले, अपने शब्दों का चयन सोच-समझ कर करें।

इस समय आपके लिए छोटी दूरी की यात्रा, लंबी दूरी की यात्रा से अधिक फलदायी सिद्ध होगी। भाई-बहनों के प्रति भी आपको अधिक देखभाल और ध्यान रखने की आवश्यकता होगी।

इस समय आपको मिलने वाली हर सलाह और सुझाव पर ध्यान देते हुए, अपने जीवन में आगे बढ़ने की आवश्यकता होगी। खासतौर से यदि वे सुझाव आपको अपने गुरु, शिक्षकों या किसी बड़े से मिल रहे हो, तो इस गोचरकाल के समय अधिक अच्छे परिणाम प्राप्त करने में सफल होंगे।

इस दौरान आपको इंटरनेट पर कुछ भी पोस्ट या लिखने से पहले, सतर्क रहना चाहिए। अन्यथा आपको इसके चलते कई गंभीर परिणाम, भुगतने पड़ सकते हैं।

कार्यक्षेत्र पर आपके अधीन कार्य कर रहे कर्मियों से, इस समय आपको भरपूर सहयोग मिलेगा। साथ ही उनका साथ आपको कार्यस्थल पर उत्पादकता और अपने कार्य क्षमता को, बढ़ाने में भी मदद करेगा।

वहीं व्यापारियों को अभी किसी नए व्यापार की शुरुआत करने की बजाय, अपने वर्तमान के व्यापार को ही अधिक मजबूत करने की जरूरत होगी। क्योंकि उसके लिए समय उत्तम दिखाई दे रहा है।
वहीं यदि आप कोई नया गैजेट खरीदने की सोच रहे हैं तो, उसे 16 अप्रैल तक के लिए टालना ही आपके लिए बेहतर रहेगा।

सेहत के लिहाज से भी, आपको गले, कंधे और कान से संबंधित कुछ समस्याएं परेशान करेंगी। ऐसे में किसी अच्छे डॉक्टर की सलाह अवश्य लें।

उपायः बुध की होरा में, रोज़ाना बुधदेव के बीज मंत्र का जप करें।


11. कुंभ राशि
इस समय बुध का ये गोचर आपके दूसरे भाव यानि वाणी और धन भाव में रहेगा। इस गोचर के प्रभाव से आपको मिश्रित परिणामों की प्राप्ति होगी।

इस गोचरकाल के दौरान आपको, इससे जुड़े कुछ शुभ अवसर प्राप्त होने के योग बनेंगे। इस समय आप अपने धन को संचय करने में भी सफल होंगे। साथ ही आपकी आय में भी, आपकी अपेक्षा से अधिक वृद्धि होगी।

आपमें से कुछ जातक शेयर बाजार, आदि से लाभ प्राप्त करने में सफल होंगे। साथ ही कुछ जातकों को अपनी किसी पैतृक संपत्ति से मुनाफ़ा भी प्राप्त होगा। कुल मिलाकर कहें तो बुध का यह गोचर, आपके आर्थिक जीवन में अचानक से अच्छे बदलाव लेकर आएगा। वो जातक जो कला, गायक, आदि क्षेत्रों से जुड़े हैं, उन्हें भी इस दौरान लाभ प्राप्त होने के योग बनेंगे।

कार्यक्षेत्र पर भी आर्थिक जीवन में उछाल आएगा, क्योंकि इस दौरान व्यापारियों और नौकरी पेशा जातकों को वेतन वृद्धि होने के संकेत मिल रहे हैं।

इस गोचर के दौरान आप अपने सुझाव और मशवरा देते समय खुद पर नियंत्रण रखें। क्योंकि आशंका है कि अभी आप अपनी बात को दूसरों के समक्ष रखने में असमर्थ हों, जिससे सामने वाला भ्रमित हो सकता है।

प्रेम संबंध में कुछ परेशानी आने वाली है। खासतौर से आपके साथी को स्वास्थ्य हानि संभव है। वहीं यदि आप अविवाहित हैं तो, आपको इस समय कोई अच्छी खबर मिलने के योग बनेंगे।

छात्रों के लिए समय शुभ रहेगा, क्योंकि इस समय आपकी सोचने और विषयों को समझने की शक्ति का विकास होगा, जिससे आप अपना बेहतर प्रदर्शन देने में सफल होंगे। जबकि सेहत के प्रति ध्यान रखते हुए, आपको ज़्यादा खाने की अपनी खराब आदतों में सुधार करने की भी आवश्यकता होगी।

उपायः रोज़ाना नियमित रूप से सुबह, “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय नमः” का जप करें।


12. मीन राशि
बुध का ये गोचर आपके प्रथम भाव यानि लग्न में रहेगा। इस गोचर के परिणामस्वरूप कार्यक्षेत्र पर आपको खुद को व्यक्त करने के लिए ये समय, शुभ रहने वाला है। क्योंकि इस दौरान आपके रचनात्मक विचार और सुझाव में वृद्धि होगी। साथ ही आपके जीवन साथी को भी, अपने कार्य क्षेत्र में सफलता मिलने के योग बनेंगे। जिससे आप दोनों का कॅरियर विकास की ओर आगे बढ़ता दिखाई देगा।

उचित होगा कि इस समय आप किसी से भी संवाद करने से पहले, अपनी भाषा और वाणी पर नियंत्रण रखें।

वहीं व्यापारी जातकों के लिए भी, गोचरकाल की ये अवधि शुभ रहेगी। क्योंकि इस समय आपको परिवार के किसी बड़े-बुजुर्ग से आर्थिक सहयोग मिलेगा, जिससे आप अपने व्यापार में विस्तार करने के लिए खुद को, प्रोत्साहित महसूस करेंगे।ऐसे में आपको इस समय टेक्नोलॉजी और नए रूझानों को साथ रखकर चलने की आवश्यकता होगी।

इस समय आपके घर परिवार में किसी मांगलिक या शुभ कार्यक्रम आयोजित होने के योग बनेंगे। जिससे घर पर मेहमानों का आगमन भी संभव है।

लेकिन, प्रेम संबंधों में वैवाहिक जातकों को, अपने रिश्तों में कुछ समस्याएं और ग़लतफहमियों का सामना करना पड़ेगा, जिसे हल करना आपके लिए काफी मुश्किल हो सकता है।

वहीं यदि कोई मामला चल-अचल संपत्ति से जुड़ा निलंबित पड़ा था तो, इस समय उसका फैसला आपके पक्ष में आने की संभावना है।

कुल मिलाकर कहें तो मीन राशि के जातकों के लिए, यह गोचरकाल यूं तो बहुत अच्छा रहेगा। लेकिन बावजूद इसके आपको हर अवसर का उत्तम लाभ उठाने के लिए, अपने स्वभाव में पूर्णतावादी और अधिक गंभीरता लाने से बचने की आवश्यकता होगी।

उपायः बुधवार के दिन “विष्णु सहस्रनाम” का पाठ करें।



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