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हर माला का होता है अपना असर: जानें किस माला से करें किस देव का जाप

पूजा-पाठ का भारतीय संस्कृति में बहुत अधिक अत्यधिक महत्व है। इसी के चलते किसी भी काम को करने से पहले पूजा-पाठ की जाती है ताकि आगे चल कर कोई समस्या उत्पन्न न हो। माना जाता है कि हमारे जगत में कुछ प्राकृतिक शक्तियां भी निहित हैं, जिन्हें हम मंत्र जाप से प्राप्त करते हैं। पूजा अर्चना के बाद विशेष प्राप्ति या सिद्धि के लिए मंत्र जाप किया जाता है। इसके माध्यम से आप मनोवांछित फल प्राप्त कर सकते हैं।

आपने भी देखा होगा कि कई लोग लगातार मंत्रों का जाप करते हुए भगवान को प्रसन्न करते हैं, इसके तहत वे अपने हाथ में एक माला लेकर मंत्र बोलते हुए माला के मनके को घुमाते रहते हैं।

जानकारों के अनुसार यह विधि जहां भगवान को प्रसन्न करने में काफी सक्षम मानी जाती है, वहीं कई बार माला का ज्ञान न होने के चलते हम तमाम कोशिशों के बावजूद पूर्ण लाभ प्राप्त नहीं कर पाते हैं। वहीं आज हम आपको पूजा के दौरान माला जाप के संबंध में बता रहे हैं।

जानकारों के अनुसार देवी-देवताओं की पूजा-पाठ करने के लिए कई प्रकार के मालाओं का इस्तेमाल किया जाता हैं, लेकिन हमें किस माला से किस देवी-देवता का जाप करना है, इसकी जानकारी के बिना हमारी मनोकामना पू्र्ण नहीं होती। तो आइये जानते हैं कि कौन सी माला किसके लिए और किस माला से किस मनोकामना की पूर्ति होती है।

: रुद्राक्ष को भगवान शिव का अंश माना जाता है। माना जाता है कि इससे शिव का जाप कर आसानी से मनोकामनाएं पूर्ण हो सकती है। अगर आप शिव भगवान को प्रसन्न करना चाहते है, तो रुद्राक्ष की माला से शिव के मंत्रों का जाप करना श्रेष्ठ माना गया है।

: वहीं मां अम्बा की उपासना करने के लिए स्फटिक की माला से जप करना शुभ माना जाता है।

: जबकि मां दुर्गा की उपासना लाल रंग के चंदन की माला, जिसे रक्त चंदन माला कहा जाता है, से करना चाहिए।

: काली का आह्वान करने के लिए काली हल्दी या नील कमल की माला का प्रयोग करना है।

: यदि आप बगलामुखी की साधना कर रहे हैं तो आपको पीली हल्दी या जीयापोता की माला का इस्तेमाल करना चाहिए।

: लक्ष्मीमंत्र का जाप हमेशा कमलट्टे की माला से करना चाहिए। वहीं तुलसी और चंदन की माला से विष्णु भगवान के मंत्र का जाप करना चाहिए।

: अगर आप माता लक्ष्मी की उपासना धन प्राप्त करने के लिए उनकी लाल रंग के रेशमी धागे वाली 30 मनकों की माला से जाप करें,परंतु अगर आप अपनी कोई मनोकामना पूरी होते देखना चाहते हैं तो आपके लिए 27 रुद्राक्षों की माला उपयोगी है।

: सूर्य के दोष और उन्हें प्रसन्न करने के लिए माणिक्य, गारनेट, बिल की लकड़ी की माला का उपयोग शुभ माना गया है।

: बृहस्पति देव को प्रसन्न करने के लिए हल्दी या जीया पोताज और शुक्र के लिए स्फटिक की माला से जाप करें।

: मंगल ग्रह की शांति के लिए मंगल ग्रह के मंत्र के साथ मूंगे और लाल चंदन की माला से जाप करना चाहिए और वही बुध ग्रह के लिए पन्ने की बनी हुई की माला से जाप करना चाहिए।

: चंद्रमा की शांति के लिए आप जिस मंत्र का जाप कर रहे है उस मंत्र का जाप मोती की माला से करना चाहिए।

: राहु के लिए गोमेद, चंदन और कच्चे कोयले की माला उपयोगी है, वहीं केतु के लिए लहसुनिया की माला शुभ माना जाता है।

: मोक्ष प्राप्ति या शांति के लिए किए जा रहे मंत्र जाप के लिए 108 रुद्राक्ष को सफेद धागें से पिरोंकर जाप करना चाहिए। माना जाता है कि ऐसा करने से मनोकामना पूर्ण होती है।



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