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यादगार: मौका मिलते ही छा गए युवा लड़ाके

ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ चार टेस्ट मैचों की ऐतिहासिक जीत में भारतीय टीम के युवा खिलाडिय़ों का अहम योगदान रहा है। पिछले काफी समय से अपनी बारी का इंतजार कर रहे इन युवाओं को जैसे ही पदार्पण करने का मौका मिले, इन्होंने अपनी प्रतिभा की चमक बिखेर दी। अब इन खिलाडिय़ों के सामने अगली बड़ी चुनौती इंग्लैंड के खिलाफ 5 फरवरी से शुरू होने वाली घरेलू टेस्ट सीरीज है। इस सीरीज में अच्छा प्रदर्शन कर ये युवा फिर अपनी काबिलियत का लोहा मनवाने के लिए बेताब हैं...

शुभमन गिल: ओपनर
उम्र: 21 साल
रणजी टीम: पंजाब

एडिलेड टेस्ट में मिली शिकस्त के बाद टीम प्रबंधन ने पृथ्वी शॉ के स्थान पर दूसरे टेस्ट मैच में शुभमन गिल को मौका दिया। लंबे समय से घरेलू क्रिकेट और इंडिया-ए के लिए अच्छा प्रदर्शन कर रहे गिल ने मौका मिलते ही भुनाया। उन्होंने पदार्पण टेस्ट की पहली ही पारी में गिल ने 45 रन ठोक दिए।

खास पारी: चौथे टेस्ट की दूसरी पारी में 328 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए गिल ने 91 रन की शानदार पारी खेली। उनकी इस पारी ने ही टीम इंडिया के लिए जीत की नींव रखी।

नटराजन: तेज गेंदबाज
उम्र: 29 साल
रणजी टीम: तमिलनाडु
भारतीय टीम के साथ नेट गेंदबाज के रूप में गए नटराजन को चोटिल खिलाडिय़ों के स्थान पर चौथे टेस्ट में पदार्पण का मौका मिला। पहली पारी में जब ऑस्ट्रेलियाई टीम बड़े स्कोर की ओर बढ़ रही थी, तब नटराजन ने जल्द दो विकेट लेकर टीम की वापसी कराई थी।

सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन : टेस्ट करियर की पहली पारी में ही नटराजन ने तीन विकेट चटकाए। दूसरी पारी में उन्हें भले ही विकेट नहीं मिला लेकिन उनकी गेंदबाजी कमाल की रही।

वाशिंगटन सुंदर: ऑलराउंडर
उम्र: 21 साल
रणजी टीम: तमिलनाडु

चोटिल जडेजा के स्थान पर सुंदर को चौथे टेस्ट के लिए अंतिम एकादश में जगह मिलीा। सुंदर ने जडेजा की कमी नहीं खलने दी और गेंद व बल्ले से कमाल किया। 

सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन: गाबा टेस्ट की पहली पारी में नटराजन ने 62 रन की पारी खेली और टीम को मुश्किल दौर से बाहर निकाला। उनकी पारी से भारत ने 336 रन बनाए। उन्होंने मैच में चार विकेट भी लिए।

मोहम्मद सिराज: तेज गेंदबाज
उम्र: 26 साल
रणजी टीम: हैदराबाद
सिराज को पहले टेस्ट में चोटिल हुए शमी के स्थान पर दूसरे टेस्ट में जगह दी गई। मेलबर्न टेस्ट में सिराज ने तेजी और लाइन-लैथ से बल्लेबाजों को काफी परेशान किया। उन्होंने इस टेस्ट में कुल पांच विकेट चटकाए।

सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन: चौथे टेस्ट की दूसरी पारी में सिराज ने कहर बरपाया और पांच विकेट चटकाए। उनकी गेंदबाजी के कारण ही ऑस्ट्रेलियाई टीम 294 रन के स्कोर पर सिमट गई।

नवदीप सैनी
तेज गेंदबाज
उम्र: 28 साल
रणजी टीम: दिल्ली

नवदीप सैनी का लंबे समय से टेस्ट खेलने का सपना सिडनी में खेले गए तीसरे टेस्ट में पूरा हुआ।

सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन : सिडनी में खेले गए अपने पदार्पण टेस्ट में सैनी ने दोनों पारियों में दो-दो विकेट लिए।

पर्दे के पीछे का महारथी
कोच द्रविड़ ने युवा खिलाडिय़ों को निखारा और संवारा
भारतीय टीम आज जिस मुकाम पर है, उसका काफी श्रेय पूर्व कप्तान राहुल द्रविड़ को भी जाता है। पिछले कई सालों से द्रविड़ भारतीय जूनियर टीम और इंडिया-ए टीम के साथ बतौर कोच काम कर रहे हैं।

तकनीक पर काम किया: द्रविड़ की अगुआई में युवा खिलाडिय़ों को अपना खेल सुधारने और निखारने का मौका मिला। उन्हें खेल के तकनीकी पहलू सिखाए।

मानसिक मजबूती: युवाओं को मानसिकतौर पर मजबूत बनाने का काम भी किया। यही कारण है कि पदार्पण मैच में भी युवा बिना दबाव के खेले।

परिवार ने दुख उठाया लेकिन मनोबल नहीं टूटने दिया
खिलाडिय़ों की सफलता में परिवार का योगदान रहा है, जिन्होंने तकलीफ उठाने के बावजूद उनका मनोबल नहीं टूटने दिया...

सिराज के पिता ऑटो ड्राइवर थे
हैदराबाद के रहने वाल मोहम्मद सिराज का परिवार मध्यमवर्गीय था और उनके दिवंगत पिता ऑटो ड्राइवर थे। तमाम परेशानियों के बावजूद उन्होंने हमेशा सिराज को अच्छा क्रिकेटर बनाने का प्रयत्न किया। सिराज जब ऑस्ट्रेलिया दौरे पर आए, तब उनके पिता का निधन हो गया। इस मुश्किल दौर में मां ने उन्हें संभाला और ऑस्ट्रेलिया में ही रहने के लिए कहा।

मां ने मुर्गियां बेच नटराजन को पाला
तमिलनाडु के सलेम जिले के चिन्नापामपट्टी गांव के रहने वाले नटराजन का परिवार काफी गरीब था। पिता कारीगर थे और मां सड़क किनारे मुर्गियां बेचती थीं। नटराजन पांच भाई बहनों में सबसे बड़े हैं।



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