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शनिदेव : कहीं आप पर भारी तो नहीं? ऐसे पहचानें

शनि एक ऐसा ग्रह जिसका नाम सुनते ही लोगों में डर बैठ जाता है। दरअसल ज्योतिष में शनि को एक क्रूर ग्रह माना गया है। क्योंकि वे ही आपको आपके कर्मों के हिसाब से फल देते हैं, जिसमें गलत कर्मों के दंड भी शामिल हैं। इसी कारण इन्हें न्याय का देवता भी कहा जाता है। लेकिन शनि केवल दंड देते हों ऐसा भी नहीं है।

जानकारों के अनुसार शनि केवल कर्म फल प्रदान करते हैं, ऐसे में यदि आपके कर्म अच्छे रहे हों तो शनि आपसे प्रसन्न होकर आपको ऐसा आशीर्वाद भी देते हैं। जिसकी मदद से आप फर्श से अर्श तक आसानी से पहुंच जाते हैं। शनि के इसी दंड के विधान के तहत उन्हें ज्योतिष शास्त्र में न्यायधीश भी कहा गया है। सप्ताह में इनका दिन शनिवार माना गया है। शनि का रंग काला और रत्न नीलम हैं।

पंडितों व जानकारों के मुताबिक धार्मिक मान्यता है कि जब शनिदेव किसी पर प्रसन्न हो जाते हैं तो उसकी जिंदगी पूरी तरह बदल जाती है, उसको कभी किसी चीज की कमी नहीं रहती। वहीं जब वह दंड देते हैं तो महादशा, दशा, साढ़ेसाती और ढैय्या लगती हैं। जिसमें कई बार भयानक दंड भी मिलता है।

शनिदेव को प्रसन्न करने के लिए पूजा-पाठ किया जाता है और तेल चढ़ाया जाता है ताकि उनके अशुभ प्रभाव से मुक्ति मिल जाए। ऐसे में एक प्रश्न उठना स्वाभाविक भी है कि आखिर हम कैसे पहचाने की शनि हम पर प्रसन्न या नाराज हैं तो इस संबंध में जानकारों का कहना है कि इसके कई तरीके हैं, लेकिन जानकारी के अभाव में हमें ये पता नहीं चलता।

ज्योतिषशास्त्र में कुछ ऐसी पहचान बताई गई हैं, जिनसे आप आसानी से जान सकते हैं कि कहीं आप पर कहीं शनि का अशुभ प्रभाव तो नहीं है। आइए जानते हैं शनि आप पर भारी हैं तो आप किस तरह उसकी पहचान कर सकते हैं…

ज्योतिषशास्त्र के अनुसार, शनि महाराज का रंग काला और नीला बताया गया है। जब शनिदेव अशुभ प्रभाव देते हैं तो उस व्यक्ति के बाल तेजी से गिरने लगते हैं। ऐसे व्यक्ति को सावधान हो जाना चाहिए और शनि देव की पूजा और व्रत करना चाहिए ताकि उनका आशीर्वाद हमेशा बना रहे। वैसे आप यह भी जान लीजिए कि सूर्य का प्रतिकूल प्रभाव होने पर भी बाल तेजी से गिरने लगते हैं और गंजापन आने लगता है।

ऐसे पहचानें आपने शनि को...
: शनि जब आप पर भारी होता है बहुत से लोगों के माथे का रंग बदलने लगता है। माथे का तेज धीरे-धीरे खत्म होने लगता है और ललाट पर कालापन नजर आने लगता है। ऐसे व्यक्ति को हर कार्य संभलकर करना चाहिए, क्योंकि उन पर कलंक लगने का भय रहता है। ऐसे व्यक्ति को अपयश का सामना करना पड़ सकता है और व्यक्ति सोचता कुछ और होता कुछ है।


: शनि जब अशुभ प्रभाव देते हैं तो परिवार और कारोबार में चीजें खराब होने लगती हैं और कार्य बिगड़ने लगते हैं। साथ ही कारोबार के स्थान और घर में आग लगने का भय भी बना रहता है। इसलिए अपने व्यवहार में सकारात्मक परिवर्तन लाएं और शनिदेव से प्रार्थना करें।

: शनि जब भारी होकर अशुभ प्रभाव देता है तो व्यक्ति में अनैतिक चीजें करने का मन करता है। उसका शेयर सट्टे में पैसा लगाने का शौक बढ़ जाता है और गलत संगत में आ जाता है। शनि का प्रभाव व्यक्ति की सोच को बदल देता है और वह ऐसे कार्यों को करने लग जाता है जिनसे उनको आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ता है।

 

: शनि जब भारी होता है तो उसका एक लक्ष्ण यह भी है कि व्यक्ति के खान-पान की आदत बदलने लगती हैं। व्यक्ति की रुचि कड़वे, तैलीय और मांसहारी भोजन में बढ़ने लगती है। मांस-मदिरा से दूर रहने वाला व्यक्ति भी इनमें रुचि लेने लग जाता है। इसलिए जब इन चीजों में रुचि बढने लगे तो व्यक्ति को संभलकर चलना चाहिए।

ज्योतिषशास्त्र के अनुसार, शनि के अशुभ प्रभाव से व्यक्ति का स्वभाव बदलने लगता है। वह झूठ अधिक बोलने लगता है और क्रोध की भावना भी बढ़ने लगती है। छोटी-छोटी चीजों पर झूठ और क्रोध करना उसके स्वभाव में आ जाता है। धर्म-कर्म कार्यों में मन नहीं लगता।



Source शनिदेव : कहीं आप पर भारी तो नहीं? ऐसे पहचानें
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